Most of us would like to stay connected, even when we’re on the go. When we’re in our hometowns, we can rely on mobile networks. But, when traveling, roaming costs and other factors make us more dependent on Wi-Fi hotspots. We’re used to finding them in airports, restaurants or shopping malls. But, did you know that even Mount Everest has its own Wi-Fi zones?

Wi-Fi zones in unexpected places

We thought it’d be fun to share a list of some of the most unexpected places where you can find Wi-Fi. Check it out:

The North Pole

The North Pole’s glaciers got their first Wi-Fi hotspot back in 2005. It was installed at the “Barneo” research station by a Russian IT team.

Mount Everest

The highest mountain in the world has several Wi-Fi zones at different heights, the topmost connection point being at 5,300 meters. In 2013, Everest also received a 4G network. Thus, alpinists have several options for getting online at good speeds while tackling the summit.

By the way, speaking of mobile networks at big heights – last autumn, a team of Russian alpinists tested our data savings app Opera Max from Lenin Peak, a 7,134-meter mountain in Central Asia. There, a transmitter is installed in the basecamp, at an altitude of 3,600 meters.

The blue skies

More than 40 airlines already offer in-flight internet access. Though, it is only available on certain flights, and often it’s not free.

A salt mine in Poland

From the Earth’s heights to its depths – not far from Krakow in Poland there’s a free Wi-Fi zone, 125 meters underground, in an old, abandoned salt mine, now open for tourist visits.

An entire country with Wi-Fi

We found a remarkable place in our search: a whole “Wi-Fi nation”. It’s Niue, a small island country in the Pacific, where you will find a free hotspot literally anywhere on the island. Full coverage for all!

Coming soon to an ocean near you?

Recently, a group of American scientists successfully tested an underwater Wi-Fi network. Their idea is to use it for ocean research. Over time, this technology if bound to work its way into consumer world, and we’ll be able to post instant selfies with fish. That is, if we have waterproof smartphones…

Whether you get online from the tallest mountain, a Pacific island or any other unexpected place, Opera’s mobile browsers are always at your service to make your internet experience better. We make sure you can find information fast, access your favorite sites easily and discover new content wherever you are.

What’s the most unexpected destination where you’ve found Wi-Fi?

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  • Lacedaemon

    Addiction is a dangerous thing….

  • Xtupid MiRchuu

    fawk everything

  • WiFi in the clean sky? 🙂 Maybe not fresh news, but few companies started offering free WiFi onboard their planes. Words can’t explain reaction of my friends when I Skype-call them from the plane for the first time!

    I think I heard ISS has WiFi, too.

  • Hello, Really found your article very cool and interesting and would really appreciate your work and I will definitely share and personally recommend to my friends and relatives.

    thank you for sharing

    Regards :-

  • Godfrey

    Very cool

  • Rahul Sharma


  • Rahul Sharma

    मैं माल में शौपिंग के लिए गया था और
    शौपिंग करने के बाद बाहर निकलते हुए
    अचानक एक 35-40 साल
    की देसी आंटी मुझसे टकरा गई. मैं उनसे
    माफ़ी मांगी और उनके गिरे हुए सामान
    को उठाने में मदद करने लगा.उनके टाईट
    ब्लाउज से उनकी बड़ी-बड़ी चुंचियां बहार
    आने को छटपटा रही थी,वैसे तो उसने पल्लू
    ले रखा था पर
    उनकी साडी इतनी पतली थी की सब कुछ
    दिख रहा था.किसी को चोदे हुए बहुत
    दिन हो गया था मेरा लंड
    किसी को चोदने के लिए
    उतावला हो रहा था. सामान उठाने के
    बाद मैं कहा सोरी आंटी मेरी वजह से
    आपका सामन गिर गया,वो बोली कोई
    बात नहीं ऐसा होता रहता है. फिर
    देसी आंटी बोली पता नहीं आजकल के
    लड़कों को क्या हो गया है,जाने
    कहा खोये रहते हैं, मैंने झेपते हुए
    कहा ऐसी बात नहीं है आंटी.फिर
    वो बोली-मैं कोफ़ी पीने जा रही हूँ
    क्या तुम भी साथ में पीना चाहोगे मैंने सर
    हिलाते हुए कहा- क्यों नहीं आंटी.
    कोफ़ी पिते पीते वोह खुलने लगी
    फिर हमलोग पास के ही कोफ़ी शॉप में
    जाकर कोफ़ी पीने लगे.
    वहां बैठे लोगों को देखते हुए आंटी ने पूछा-
    बेटा क्या कर रहे हो आजकल,मैंने
    कहा कॉलेज में हूँ. फिर
    वो बोली तुम्हारा ध्यान
    कहा था क्या तुम भी टिनेज़र की तरह
    नयी लड़कियों को ताड रहे थे. उनका बात
    करने का तरीका काफी अलग था, मैंने
    कहा नहीं इस तरह की कोई बात नहीं है मुझे
    तो इंडियन आंटीस अच्छी लगती है.फिर
    देसी आंटी ने मेरे घर के बारे में पूछा- मैंने
    बता दिया. देसी आंटी ने अपने बारे में
    बताया की उसकी एक जवान बेटी है और
    पति बाहर रहते हैं. अभी हमारी बात-चित
    चल ही रही थी की तेज़ बारिश होने लगी.
    काफी देर तक बारिश बंद नहीं हुई तो मैंने
    कहा आंटी मेरे घर चलिए यहीं पास में ही है
    तो वो बोली नहीं बेटा घर में बेटी है
    वो भी जवान और तुम तो जानते हो आजकल
    क्या-क्या हो जाता है. मैंने कहा-ठीक है
    आंटी मैं अपने घर से गाडी लेकर आता हूँ और
    आपको पहुंचा दूंगा और घर जाकर गाडी ले
    आया आंटी भींगते हुए गाडी में आकर बैठ गई,
    मैं तो पहले ही काफी भींग चूका था.
    थोड़ी ही देर में हमलोग देसी आंटी के घर
    पहुँच गए. पार्किंग में उनको छोड़ कर मैं जाने
    लगा तो वो उन्होंने मुझे रोक
    लिया बोली अभी बारिश रुकी नहीं है
    और तुम भींगे हुए हो, कपडे बदल
    लो नहीं तो तबियत बिगड़ जायेगी. मैं
    उनका कहा टाल नहीं सका और गाड़ी से
    उतर कर उनके साथ घर के अंदर चला गया.
    देसी आंटी की साडी चिपक कर उनके बदन
    से चिपक गई थी जिसको देखकर मेरा लंड
    खडा हो रहा था मैं उनको गौर से
    देखता रहा.अंदर जाते ही एक मस्त जवान
    लड़की मिली उसने पूछा-ये कौन
    हैं ,तो आंटी ने मेरे बारे में बताया और
    बताया की वो उनकी बेटी है.
    उनकी बेटी उन्ही का इंतज़ार कर रही थी,
    उनसे मिल कर वो सोने चली गई. उसके जाते
    ही आंटी ने मुझे लुंगी दी और बोली कपडे
    बदल लो, मैं अपने कपडे खोल कर सूखने के लिए
    दे दिया और केवल लुंगी पहन कर बैठ गया.
    आंटी ने भी अपना कपडा बदल
    लिया था और एक पतली सी नायटी पहन
    ली थी अब मेरा मन तो इस सेक्सी मस्त
    आंटी को चोदने के लिए
    उतावला हो रहा था.
    अगर ये देसी आंटी अपनी चिकनी चूत मेरे से
    अपनी चूत की चुदाई करवा ले
    तो कितना मज़ा आएगा. ये सोच-सोच कर
    मेरा लंड मुसल की तरह कड़क
    होता जा रहा था, मेरा लंड लुंगी के बिच
    से बाहर झांक रहा था जिसे आंटी बड़े
    ही गौर से देख रही थी मैंने
    अपनी टांगों को और फैला दिया जिससे
    देसी आंटी को मेरा पूरा लंड दिख जाए और
    मुझे चोदने का मौका मिल जाए.
    कोफ़ी पीने के बाद मैं कपडे पहनने लगा और
    सोच रहा था साली मुझे आज रोक ले और
    मेरे लंड से अपनी चिकनी चूत चुदवा ले,
    उसकी चूत भी तो चुदने के लिए मचल
    रही थी. तभी वो मेरे नजदीक आई और
    कपडा छूते हुए बोली अभी कपडे सूखे नहीं है
    आज तुम यहीं रुक जाओ और घर पर फ़ोन कर
    आंटी ने मुझे कपडे गिले होने के
    बहाने रोक लिया
    रुकने का मन तो मेरा भी था मैंने घर पर काल
    करके बता दिया, आज नहीं आ पाउँगा,
    काफी बारिश हो रही है. फिर हम
    लोगों ने खाना खाया उसके बाद सोने
    की तैयारी होने लगी तो आंटी ने कहा तूम
    यही सोफे पर सो जाओ मैं बेड पर
    या तो तुम्हारा मन करे तो दुसरे रूम में
    भी सो सकते हो. मुझे अकेले सोने की आदत
    नहीं है आप यहीं बेड पर सो जाइए और मैं
    यहाँ पर सो जाऊंगा-मैंने सोफे की तरफ
    इशारा करते हुए कहा और वही सोफे पर
    सो गया. मेरे दिल में
    देसी आंटी की चिकनी चूत चोदने और
    बड़ी गांड मारने का आरमान चकनाचूर
    होता लग रहा था, मैं उसकी बड़ी-
    बड़ी चुंचियां और उभरी हुई भारी गांड के
    बारे में सोचते-सोचते जाने कब सो गया.
    आंटी भी अपने बेड पर सो गई थी, अचानक
    रात को अपनी जांघ पर किसी का हाथ
    सड़कता हुआ महसूस हुआ मेरी नींद खुल
    चुकी थी मैं सोच रहा था ये हाथ
    या तो आंटी का है या उनकी बेटी का.
    हाथ मेरे लंड के ऊपर आ गया
    मैने सोच लिया था कि जो भी हो आज
    उसकी चूत चोद कर ही छोडूंगा. मैं उस हाथ
    के सहलाने
    का मज़ा लेना चाहता था इसलिए मैं
    उसी तरह सोया रहा तब तक वो हाथ
    सहलाता हुआ मेरी लुंगी में घुसता हुआ ऊपर
    मेरी जांघों तक पहुंच गया था. मैं करवट बदल
    कर वहां पर सीधा होकर लेट गया और
    वो मुझे नींद में देख कर आराम से मेरी लुंगी के
    अंदर हाथ घुसा कर मेरा लंड पकड़ कर उसे
    बड़े प्यार से सहलाने लगी. अब मेरा लंड धीरे-
    धीरे खड़ा हो रहा था, मैं मस्त
    होता जा रहा था मैं समझ
    चूका था की वो देसी आंटी है जो ये सब
    कर रही है. मन तो कर
    रहा था की साली को पकड़ कर अपने आप
    से चिपका लूँ और कस कर उसकी चिकनी चूत
    को चोद डालूं पर मैं अभी चुपके-चुपके और
    मज़ा लेना चाहता था. मैं
    नहीं चाहता था की मेरा देसी आंटी के
    चिकनी चूत को चोदने
    का सपना सपना ही रह जाए.
    आंटी निश्चिंत होकर मेरे लंड
    को सहला रही थी ,मेरा लंड मस्त होकर
    खड़ा हो गया था तभो वो अपने होठों से
    मेरे जांघ को चाटने लगी.
    देसी आंटी मेरे लंड को चूसने लगी
    मेरे मुंह से सिसकियाँ निकलने वाली थी पर
    मैंने उसे दबा दिया, मेरे लिए बर्दास्त
    करना काफी मुश्किल हो रहा था.
    तभी मेरे मुसल लंड पर कुछ चिपचिपा महसुस
    हुआ, आँख तो मेरी बंद थी मैंने सोचा जरुर
    साली अपनी जीभ से मेरे मुसल लंड को चाट
    रही है, लंड पर जीभ चलाते-चलाते उसने मेरे
    मुसल लंड को मुंह में ले लिया और चूसने लगी.
    मेरे बर्दास्त के बाहर हो गया था मैं उठ
    गया और बोल पड़ा कौन है. तभी आंटी ने
    लाइट जला दी और मेरे मुंह पर हाथ रखकर
    बोली -बेटा मैं हूँ. आंटी पूरी नंगी थी,मैंने
    उन्हें देखते हुए कहा-आंटी आप
    तो पूरी की पूरी नंगी हो गई हो. उन्होंने
    मेरे खड़े लंड को अपने हाथों से सहलाते हुए
    कहा-बेटा नंगे तो तुम भी हो. मैंने सोचा अब
    साली मेरे मुसल लंड से चुदेगी जरुर पर
    इसको तडपाना चाहिए. फिर मैंने कहा-
    आंटी ये अच्छी बात नहीं है
    आपको ऐसा नहीं करना चाहिए. मुझे चूत
    को चोदना मत सिखाओ, बेटा,शाम
    को तो तुम मेरी चुन्चियों को खा जाने
    वाली नज़रों से देख रहे थे- देसी आंटी ने मेरे
    कड़े खड़े मुसल लंड को अपने हाथों से सहलाते
    हुए कहा.
    साली आंटी बड़ी बिन्दास्त
    फिर देसी आंटी बोली- अभी तो तुम बच्चे
    हो, तुम्हारे जैसे न जाने कितने इस चूत में घुस
    गए हैं. ये सब सुनकर मुझे जोश आ गया और मैंने
    आंटी की बड़ी-बड़ी चुन्चियों को अपने
    हाथों से पकड़ कर मसलने लगा.
    देसी आंटी मेरा लंड मसलते हुए मेरे
    होठों को अपने मुंह में भर कर चूसने लगी. कुछ
    देर बाद उसने अपने निप्पल को मेरे मुंह में ठूस
    दिया और मेरे हाथ को पकड़ कर अपने छुट पर
    रख दिया ,मैं उनके निप्पल को चूसने
    लगा और कभी -कभी अपने दातों से काट
    भी लेता था, दांत लगते ही कराह
    उठती थी. आंटी की चिकनी चूत
    काफी गीली हो गई थी मैं उसको रगड़ते-
    रगड़ते चूत में अपनी उँगलियाँ घुसा कर चोदने
    लगा. उसके चूत से बड़ी मादक सुगंध आ
    रही थी, मैं कुछ देर तक उनकी चूत सूंघता
    रहा और फिर उनकी चूत चाटने लगा,
    वो भी झुक के मेरे मुसल लंड को मुंह में भर कर
    चूस रही थी. काफी देर बाद वो उठी और
    मेरे खड़े मुसल लंड पर
    अपनी गीली चिकनी चूत रख कर बैठ गई.
    मेरा लंड सरसराता हुआ उनकी चूत में घुस
    गया, और देसी आंटी मेरे मुसल लंड पर उछलने
    लगी. मैं भी उनकी भारी गांड को पकड़कर
    नीचे से धक्का लगाने लगा. काफी देर बाद
    वो बोली मैं थक गई बेटा अब तुम उपर आकर
    मेरी चूत की चुदाई करो और उठ कर चित
    होकर लेट गई. मैं उठा और
    उनकी टांगों को फैला कर चौड़ा कर
    दिया अब मुझे उनकी चिकनी चूत की छेद
    नज़र आ रही थी. छेद पर अपना मुसल लंड
    लगा कर एक जोर का धक्का मारा और
    फिर चुदाई करने लगा. वो अपनी गांड
    उठा उठा कर चुदाई का मज़ा ले रही थी,
    आंटी के मुंह से मादक सिसकियाँ निकल
    रही थी, वो बोले जा रही थी और जोर
    से चोदो बेटा, फाड़
    दो अपनी आंटी की चूत. मैं तूफानी रफ़्तार
    से चुदाई कर रहा था. कुछ देर बाद उसने मुझे
    कास कर जकड लिया और झड़ने लगी, मैं
    भी कुछ देर और धक्का मार कर उसकी चूत में
    ही झड गया और निढाल होकर उसके उपर लेट
    गया. वो मेरे बालों में अपना हाथ डाल कर
    सहलाने लगी. कुछ देर बाद मेरा मुसल लंड
    सिकुड़ कर देसी आंटी के चूत से बाहर आ
    गया. xxxme 8087901270

  • Mỹ Huyền Võ Thị